दमिश्क़
दमिश्क़
دمشق | |
|---|---|
| महानगर | |
| उपनाम: चमेली का शहर | |
| निर्देशांक: 33°30′47″N 36°18′34″E / 33.51306°N 36.30944°E | |
| देश | |
| प्रांत | दमिश्क़ |
| बसावट | ल॰ 3000 ई.पू. |
| नगरपालिकाएँ | 16 |
| शासन | |
| • प्रणाली | महापौर-परिषद सरकार[1] |
| • अध्यक्ष | मोहम्मद यासिर ग़ज़ाल |
| क्षेत्रफल[2] | |
| • महानगर | 105 kमी2 (41 वर्ग मील) |
| • नगरीय | 77 kमी2 (30 वर्ग मील) |
| ऊँचाई | 680 मी॰ (2,230 फीट) |
| जनसंख्या (2024) | |
| • पद | प्रथम (सीरिया) |
| • महानगर | 27,99,960[3] |
| • महानगरीय घनत्व | 26,666/किमी2 (69,060/मील2) |
| वासीनाम | दमिश्क़ी |
| समय मण्डल | AST (यूटीसी+3) |
| डाक कोड | 0100 |
| दूरभाष कोड | 11 |
| भूगोल सूचक संख्या | C1001 |
| ISO 3166 कोड | SY-DI |
| जलवायु | BWk |
| HDI (2021) | 0.612[4] – मध्यम |
| अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र | दमिश्क़ अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र |
| वेबसाइट | www |
| आधिकारिक नाम: दमिश्क़ प्राचीन शहर | |
| प्रकार: | सांस्कृतिक |
| मापदंड: | i, ii, iii, iv, vi |
| अभिहीत: | 1979 (तृतीय अधिवेशन) |
| सन्दर्भ क्रमांक | 20 |
| क्षेत्र: | अरब देश |
दमिश्क़ (अरबी: دمشق) सीरिया की राजधानी तथा सबसे बड़ा शहर है। यह विश्व की सबसे पुरानी बसी हुई राजधानी है। इसे आम तौर से शाम के नाम से जाना जाता है, तथा "चमेली का शहर" के उपनाम से भी जाना जाता।[5] दमिश्क़ लेवंट और अरब विश्व का एक प्रमुख सांस्कृतिक केन्द्र है।
दक्षिण-पश्चिमी सीरिया में स्थित, दमिश्क़ बड़े महानगरीय क्षेत्र का केंद्र है। पूर्वी लेबनान पर्वतमाला की तलहटी के बीच तथा भूमध्य सागर के पूर्वी तट से 80 km अंदर की ओर पठार पर समुद्र तल के 680 m ऊपर स्थित, दमिश्क़ के पास वर्षा छाया प्रभाव हेतु शुष्क जलवायु है। बरदा नदी शहर होकर बहती है।
दमिश्क़ सबसे पुराने लगातार बसे हुए शहरों में से एक है।[6] पहले तीसरी सहस्राबदी ई.पू. में बसा, यह 661 से 750 तक उमवी ख़िलाफ़त की राजधानी थी। अब्बासी राजवंश की जीत के बाद, इस्लामी शासन की राजधानी बग़दाद बनी। कुछ लोगों के अनुसार, दमिश्क़ इस्लाम का चौथा पवित्रतम शहर है।[7][8][9] शहर का पतन अब्बासी काल से शुरू हुआ, किन्तु इसका महत्तव अय्यूबी और ममलूक कालों में लौट आया।
आज दमिश्क़ सीरिया सरकार की राजधानी है। इसे वैश्विक जीवन योग्यता सूचकांक द्वारा दुनिया के 140 शहरों में से सबसे कम जीवन योग्य शहर का पद दिया गया था।[10] जून 2023 में, यह दुनिया के 173 शहरों में से सबसे कम जीवन योग्य शहर था। 2017 को, युद्धोत्तर निर्माण एवं नए आवासीय ज़िलों बनाने के लिए दमिश्क़ में दो विकास परियोजनाएँ शुरू किए गए थे: मारोता नगर और बसिलिया नगर।[11]
इस्लामी काल
[संपादित करें]इस्लाम के शुरुआती काल में ही, सन् ६६१ ईस्वी के बाद यह सुन्नी उमय्यद ख़लीफ़ाओं की राजधानी बन गया जो सन् ७५० ईस्वी तक चला। इसके बाद इसकी महत्ता में कमी आई, लेकिन बारहवी सदी में तुर्क मूल के बुवाई शासकों की राजधानी रहने के बाद इसमें थोड़ी वृद्धि हुई। यह शहर पुराने काल से ही दीवारों से घिरा है। सन् १४०० में तैमूर लंग का आक्रमण हुआ, इससे दो साल पहले यही तैमूर लंग दिल्ली पर भी आक्रमण कर चुका था। यहाँ से कई लोगों-औरतों को समरक़ंद ग़ुलाम बना कर ले जाया गया। सन् १५१६ के बाद से बीसवी सदी तक यह इस्तांबुल के ओतमानी उस्मानी शासकों के अधीन रहा।
राजधानी
[संपादित करें]वर्तमान में दमिश्क़ सीरिया की राजधानी है जो लेबनान की सीमा और भूमध्य सागर के निकट है, इराक और तुर्की की सीमा से दूर। शहर से होकर बरदा नदी बहती है, जो कम बहाव वाली है।
उस्मानिया ख़िलाफ़त और दमिश्क़
[संपादित करें]उस्मानिया ख़िलाफ़त के दौरान दमिश्क़ ने अपना राजनीतिक स्थान खो दिया, लेकिन इसका व्यापारिक महत्व बना रहा. मध्य पूर्व और बलक़ान (बाल्कन) के विलय से आंतरिक व्यापार तो बढ़ा, लेकिन इसमें यूरोपीय वर्चस्व से सीरिया के शहरों की भूमिका व्यापारिक डिपो तक सीमित रह गई. उस्मानी दौर में दमिश्क़ में हज सीजन के दौरान आर्थिक गतिविधियां बढ़ जाती थीं. उस्मानी दौर के सुल्तानों, जो ख़ुद को मक्का और मदीना का संरक्षक कहते थे, उनकी कोशिश थी कि हज की व्यवस्था को मज़बूत किया जाए. अनातोलिया (एशिया माइनर) से मक्का के रास्ते में दमिश्क़ शहरी केंद्र था जो उत्तर और पूर्व से आने वाले हज यात्रियों की मुलाक़ात की जगह भी बना. इसलिए हज सीज़न के दौरान तीर्थयात्रियों के रहने से शहर में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं. इस तरह निर्माण कार्य और विकास भी उन्हीं रास्तों पर हुआ जो मक्का की ओर जाते थे.
उन्नीसवीं सदी
[संपादित करें]निर्माण कार्यों का उत्कर्ष अल अज़्म परिवार के दो लोगों- सुलेमान पाशा और असद पाशा के ज़रिए उमवी मस्जिद के दक्षिण में दो बड़े स्थानों के निर्माण से पूरा हुआ. उन्होंने अठाहरवीं सदी में राजनीतिक परिदृश्य पर वर्चस्व प्राप्त किया था।
उन्नीसवीं सदी में एक नए दौर की शुरुआत हुई. मिस्र के शासक मोहम्मद अली पाशा ने 1832 से 1840 तक सीरिया का नियंत्रण संभाला और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया ने यूरोपीय जीवन शैली को बढ़ावा दिया.
यूरोपीय शक्तियों की मदद से उस्मानियों की वापसी के बाद स्थानीय अर्थव्यवस्था पर यूरोपीय वर्चस्व बढ़ा, लेकिन आधुनिकीकरण का काम धीमा पड़ गया. सन् 1860 में हिंसक धार्मिक जुनून ने क्षेत्र में, विशेष तौर पर मौजूदा लेबनान के इलाके में सीधे यूरोपीय हस्तक्षेप का रास्ता बना दिया।
महान उस्मानी सुधारक मिदहत पाशा सन 1878 में गवर्नर बने. उन्होंने शहर की स्थिति को बेहतर करने, गलियों को चौड़ी करने और जल निकासी को बेहतर बनाने पर काम किया. बीसवीं सदी की शुरुआत में जर्मन इंजीनियरों ने दमिश्क़-मदीना रेलवे बनाई जिसने हज पर जाने वालों के सफ़र के समय को कम कर केवल पांच दिनों का कर दिया. पहले विश्व युद्ध के दौरान दमिश्क़ उस्मानी और जर्मन सैनिकों का संयुक्त हेडक्वार्टर था. इससे पहले और युद्ध के दौरान दमिश्क़ में अरब राष्ट्रवाद ने ज़ोर पकड़ा और दमिश्क़ उस्मानी सल्तनत विरोधी आंदोलन का एक केंद्र बन गया. मक्का के शासक फ़ैसल ने अरब बग़ावत के समर्थन के लिए यहां का ख़ुफ़िया दौरा किया. फ़ैसल के पिता ने यह आंदोलन साल 1916 में शुरू किया था। जवाबी कार्रवाई में उस्मानी कमांडर इन चीफ़ जमाल पाशा ने 6 मई 1916 को 21 अरब राष्ट्रवादियों को फांसी पर लटका दिया और आज भी यह दिन 'शहीद दिवस' के तौर पर मनाया जाता है. उस्मानियों को ब्रितानी और अरबों के संयुक्त हमले में हार मिली और सितंबर 1918 में शहर को ख़ाली कर दिया गया. 1919 में एक आज़ाद सीरिया की घोषणा की गई जिसकी राजधानी दमिश्क़ थी और फ़ैसल को 1920 की शुरुआत में बादशाह घोषित किया गया. फ़ैसल की बादशाहत बहुत देर तक नहीं चल सकी क्योंकि पहले विश्व युद्ध के दौरान यूरोपीय शक्तियों ने उस्मानिया सल्तनत के सूबों को आपस में बांटने के लिए ख़ुफ़िया योजना बनाई थी. इसके बाद सीरिया पर फ्रांस का कब्ज़ा हुआ और दमिश्क़ मेसालोन की जंग के बाद 25 जुलाई 1920 को जनरल हेनरी गौरॉड की सेना के हाथ लग गया. दमिश्क़ ने फ्रांसीसी कब्ज़े का प्रतिरोध किया और सन 1925 में शहर पर फ्रांसीसी बमबारी के बावजूद 1927 की शुरुआत तक प्रतिरोध जारी रहा. इसके बाद एक नई शहरी योजना बनाई गई. पुराने शहर के इर्द-गिर्द एक आधुनिक आवासीय इलाका बनाया गया. गोता के इलाके को अलग कर दिया गया जहां सीरियाई विद्रोही नियमित रूप से शरण लेते थे।
इस आधुनिक शहर में यूरोप की सामाजिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य शैली ने परंपरागत जीवन शैली को चुनौती पेश की और अंततः पारंपरिक जीवन कमजोर पड़ गया।
सीरिया में फ्रांसीसी कब्ज़े के दौर में गंभीर राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं जिनमें लिबरलिज़्म, कम्युनिज़्म और अरब राष्ट्रवाद शामिल था. दमिश्क़ के नागरिकों ने अपने देशवासियों के साथ मिलकर अपने देश की आज़ादी और एकमात्र अरब देश के व्यापक लक्ष्य के लिए जद्दोजहद की. इस मक़सद के लिए बनी बाथ पार्टी की बुनियाद दूसरे विश्व युद्ध के दौरान दमिशक में रखी गई।
अप्रैल 1946 में फ्रांसीसी सैनिक अंततः देश से निकल गए और दमिश्क़ एक बार फिर आज़ाद सीरिया की राजधानी बन गया।
लोकतंत्र
[संपादित करें]कमज़ोर सीरियाई लोकतंत्र क्षेत्र के बड़े राजनीतिक हंगामे को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं था. ख़ास तौर पर 1948 में फ़लस्तीन के विभाजन और अरब-इसराइल युद्ध को जो तुरंत शुरू हो गया था. सन 1949 से 1970 तक कई विद्रोह हुए जिसके बाद कई नेता सत्ता में आए. मिस्र और सीरिया के अल्पकालिक के विलय के बाद बने 'संयुक्त लोकतांत्रिक अरब' (1958-1961) के दौरान दमिश्क़ की बजाय क़ाहिरा राजधानी बना रहा. साल 1963 में बाथ पार्टी विद्रोह से सत्ता में आई और समाजवादी सुधारों का प्रयोग शुरू हुआ. सन 1970 में उस समय के रक्षा मंत्री हाफ़िज़ अल-असद के नेतृत्व में एक आंतरिक विद्रोह हुआ जिसके बाद वह 30 साल तक देश के प्रमुख बने रहे. सन 2000 में उनकी मौत के बाद उनके बेटे बशर अल असद उनके उत्तराधिकारी बने. बशर अल-असद एक आधुनिक और सुधारवादी राष्ट्रपति के तौर पर उभरे. इसके बावजूद जो उम्मीदें उनसे बांधी गई थीं वह बड़ी हद तक अधूरी रह गईं. इस बीच, दमिश्क़ राजनीतिक शक्तियों, आर्थिक हितों और राजधानी में बेहतर जीवन चाहने वाले सीरिया के ग्रामीण लोगों के लिए एक चुंबक का काम करता रहा.
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Damascus Administration and society". 3 August 2024.
- ↑ Albaath.news statement by the governor of Damascus, Syria Archived 16 मई 2011 at the वेबैक मशीन (अरबी में), April 2010
- ↑ "Damascus Population 2025". World Population Review (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-12-18. अभिगमन तिथि: 2025-12-21.
- ↑ Sub-national HDI. "Area Database – Global Data Lab". hdi.globaldatalab.org (अंग्रेज़ी भाषा में).
- ↑ "Biggest Cities In Syria". 25 April 2017. 25 October 2019 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 25 October 2019.
- ↑ Bowker, John (2003-01-01), "Damascus", The Concise Oxford Dictionary of World Religions (अंग्रेज़ी भाषा में), Oxford University Press, डीओआई:10.1093/acref/9780192800947.013.1793 (inactive 3 July 2025), ISBN 978-0-19-280094-7, 7 April 2022 को मूल से पुरालेखित, अभिगमन तिथि: 2021-01-15
{{citation}}: CS1 maint: DOI inactive as of जुलाई 2025 (link) - ↑ “Cities of the Middle East and North Africa: A Historical Encyclopedia”।: 119–126। (2007)। संपादक: Janet L. Abu-Lughod। ABC-CLIO।
- ↑ Birke, Sarah (2013-08-02), Damascus: What's Left, New York Review of Books, 4 December 2018 को मूल से पुरालेखित, अभिगमन तिथि: 12 May 2021
- ↑ Totah, Faedah M. (2009). "Return to the origin: negotiating the modern and unmodern in the old city of Damascus". City & Society. 21 (1): 58–81. डीओआई:10.1111/j.1548-744X.2009.01015.x.
- ↑ Buckley, Julia (2019-09-04). "World's most livable city revealed". CNN Travel (अंग्रेज़ी भाषा में). 15 September 2019 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2019-09-23.
- ↑ "A luxury city shows blueprint for Syria's rebuilding plans". AP News (अंग्रेज़ी भाषा में). 2018-11-05. अभिगमन तिथि: 2024-06-07.
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]बाहरी कड़ियाँ
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